इमेज का आकार, स्थिर लेआउट, पठनीयता, लिंक और खोज मेटा जानकारी की जाँच करें।
गति क्यों ज़रूरी है
बहुत भारी तस्वीरें साइट धीमी बना सकती हैं।
पहली स्क्रीन पर यह साफ होना चाहिए कि पोर्टफ़ोलियो किसका है, किस तरह का काम दिखाता है और संपर्क कैसे किया जा सकता है। हर दर्शक पूरा लेख पढ़े, ऐसा ज़रूरी नहीं। इसलिए सबसे महत्त्वपूर्ण तस्वीर और संपर्क का रास्ता पहले रखें। कई सजावटी खंड जोड़ने से उपयोगी जानकारी ढूँढना कठिन हो सकता है।
एक वाक्य में वेबसाइट का मुख्य लक्ष्य लिखें।
इमेज ऑप्टिमाइज़ेशन
सही आकार तथा आधुनिक फ़ॉर्मैट चुनें।
फ़ोटो, ब्रांड नाम या तीसरे पक्ष की सामग्री प्रकाशित करने से पहले उपयोग की अनुमति जाँचें। सोशल मीडिया पर फ़ोटो दिखाने की अनुमति अपने वेबसाइट पर दोबारा प्रकाशित करने की अनुमति के बराबर नहीं भी हो सकती। हर फ़ाइल के अधिकार धारक, सहमति और अनुमत उपयोग का रिकॉर्ड रखें।
हर फ़ोटो का उपयोग अधिकार और संपर्क जानकारी जाँचें।
लेआउट की स्थिरता
इमेज के लिए पहले जगह तय करें ताकि सामग्री अचानक न खिसके।
फोटो की संख्या से अधिक महत्त्व उसके चयन का है। एक जैसे चेहरे या कोण वाली अनेक फ़ोटो लगाने के बजाय पोर्ट्रेट, पूरे शरीर की तस्वीर और अलग-अलग शूट के उदाहरण चुनें। बायो में भी सत्यापन योग्य जानकारी ही लिखें; ऐसी उपलब्धि या ग्राहक न जोड़ें जो वास्तव में नहीं है।
एक जैसे फ़ोटो हटाकर अलग क्षमताएँ दिखाएँ।
बटन और टेक्स्ट
मोबाइल पर बटन दबाना और पढ़ना आसान होना चाहिए।
पेज का क्रम दर्शक की ज़रूरत के अनुसार तय करें। उदाहरण के लिए पहले प्रमुख तस्वीर, फिर छोटा परिचय, फिर चुनी हुई गैलरी और काम के लिए संपर्क की सुविधा रखें। यह एक उपयोगी प्रारूप है लेकिन हर व्यक्ति की ज़रूरत अलग होती है। मेन्यू को इतना छोटा रखें कि फ़ोन पर भी आसानी से इस्तेमाल हो सके।
छोटे मोबाइल स्क्रीन पर पेज के रास्ते जाँचें।
तकनीकी SEO
canonical और hreflang वास्तविक पेज पर जाएँ।
मान लीजिए आपके पास 18 तस्वीरें हैं और उनमें 11 लगभग एक जैसी हैं। इन 11 में से सबसे प्रभावी एक-दो तस्वीरें चुनें और बाकी जगह दूसरी शैली दिखाने वाले काम को दें। इस तरह संभावित ग्राहक कम समय में आपकी विविधता और विशेषज्ञता समझ सकता है। पोर्टफ़ोलियो का लक्ष्य सब कुछ जमा करना नहीं बल्कि चुनाव आसान बनाना है।
किसी दूसरे व्यक्ति से 30 सेकंड में मुख्य बात समझने को कहें।
लॉन्च के बाद जाँच
टूटी लिंक और बदलते संपर्क नियमित जाँचें।
लॉन्च से पहले फ़ोन पर मेन्यू खोलें, गैलरी स्क्रॉल करें और ईमेल तथा WhatsApp लिंक चलाकर देखें। धुंधली तस्वीरें, कम कंट्रास्ट, खिसकते बटन और पॉपअप की बाधा पर ध्यान दें। हर बड़े बदलाव के बाद दोबारा परीक्षण करें और डोमेन तथा होस्टिंग के नवीनीकरण की तारीखें नोट करें।
अपडेट की ज़िम्मेदारी और अगली जाँच की तारीख तय करें।